भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध: कब, कहाँ और किसके बीच लडे गए

1

भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध कब, कहाँ और किसके बीच लडे गए, आइये इसकी जानकारी प्राप्त करें, और अपनी प्राचीन धरोहर से परिचित हो सके |

भारतीय सभ्यता और संस्कृति हमेशा यही सिखाती रही है कि “सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे संत निरामया” |

फलस्वरूप भारत द्वारा इस धरती के किसी भी पडोसी मुल्क पर कभी भी आक्रमण या युद्ध का प्रयास नहीं किया गया | हमेशा से ही बाहरी लोगों ने हम पर आक्रमण किए और हमें गुलाम बनाया है |  अपनी संस्कृति का पालन करते हुवे हमने तो हमेशा से यही दुहाई दी है कि हमें कोई भी गलत काम नहीं करना चाहिए क्योंकि गलत करनी का हिसाब परम पिता परमेश्वर करेगा |

आइये आज हिसाब करें भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध जो हमपर विदेशी आक्रान्ताओं द्वारा थोपे गए थे  |

भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध

 

भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध का सिलसिलेवार वर्णन

 

ईसा पूर्व  भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध

1. हाईडेस्पीज का युद्ध(326)- सिकंदर और पंजाब के राजा पोरस के बीच जिसमे सिकंदर की विजय हुई |

2. कलिंग की लड़ाई (261) -सम्राट अशोक ने कलिंग पर आक्रमण किया था और युद्ध के रक्तपात से विचलित होकर उन्होंने युद्ध न करने की कसम खाई |

Recommended for You:
क़ुतुब मीनार के निर्माण का सच
प्राचीन भारत का इतिहास और भारत के नामकरण की कहानी

ईस्वी काल के भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध

1. सिंध की लड़ाई (712)- मोहम्मद कासिम ने अरबों की सत्ता स्थापित की |

2. तराईन का प्रथम युद्ध (1191) – मोहम्मद गौरी और पृथ्वी राज चौहान के बीच हुआ था | चौहान की विजय हुई |

3. तराईन का द्वितीय युद्ध (1192) – मोहम्मद गौरी और पृथ्वी राज चौहान के बीच| इसमें मोहम्मद गौरी की विजय हुई |

4. चंदावर का युद्ध (1194) – इसमें मुहम्मद गौरी ने कन्नौज के राजा जयचंद को हराया |

5. पानीपत का प्रथम युद्ध (1526) -मुग़ल शासक बाबर और इब्राहीम लोधी के बीच |

6. खानवा का युद्ध (1527) – इसमें बाबर ने राणा सांगा को पराजित किया |

7. घाघरा का युद्ध (1529) -इसमें बाबर ने महमूद लोदी के नेतृत्व में अफगानों को हराया |

8. चौसा का युद्ध (1539)– इसमें शेरशाह सूरी ने हुमायु को हराया |

9. कन्नौज /बिलग्राम का युद्ध (1540) – इसमें फिर से शेरशाह सूरी ने हुमायूँ को हराया व भारत छोड़ने पर मजबूर किया |

10. पानीपत का द्वितीय युद्ध (1556) -अकबर और हेमू के बीच |

11. तालीकोटा का युद्ध (1565)- इस युद्ध से विजयनगर साम्राज्य का अंत हो गया क्यूंकि बीजापुर, बीदर,अहमदनगर व गोलकुंडा की संगठित सेना ने लड़ी थी |

12. हल्दी घाटी का युद्ध (1576)- अकबर और राणा प्रताप के बीच, इसमें राणा प्रताप की हार हुई |

13. प्लासी का युद्ध (1757)- अंग्रेजो और सिराजुद्दौला के बीच, जिसमे अंग्रेजो की विजय हुई और भारत में अंग्रेजी शासन की नीव पड़ी |

14. वांडीवाश का युद्ध (1760)- अंग्रेजो और फ्रांसीसियो के बीच, जिसमे फ्रांसीसियो की हार हुई |

15. पानीपत का तृतीय युद्ध (1761)- अहमदशाह अब्दाली और मराठो के बीच | जिसमे फ्रांसीसियों की हार हुई |

16. बक्सर का युद्ध (1764)- अंग्रेजो और शुजाउद्दौला, मीर कासिम एवं शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना के बीच | अंग्रेजो की विजय हुई | अंग्रेजो को भारत वर्ष में सर्वोच्च शक्ति माना जाने लगा |

17. प्रथम मैसूर युद्ध (1767-69)- हैदर अली और अंग्रेजो के बीच, जिसमे अंग्रेजो की हार हुई |

18. द्वितीय मैसूर युद्ध (1780-84)- हैदर अली और अंग्रेजो के बीच, जो अनिर्णित छूटा |

19. तृतीय आंग्ल मैसूर युद्ध (1790)- टीपू सुल्तान और अंग्रेजो के बीच लड़ाई संधि के द्वारा समाप्त हुई |

20. चतुर्थ आंग्ल मैसूर युद्ध (1799)- टीपू सुल्तान और अंग्रेजो के बीच , टीपू की हार हुई और मैसूर शक्ति का पतन हुआ |

21. चिलियान वाला युद्ध (1849)- ईस्ट इंडिया कंपनी और सिखों के बीच हुआ था जिसमे सिखों की हार हुई |

22. भारत चीन सीमा युद्ध(1962)- चीनी सेना द्वारा भारत के सीमा क्षेत्रो पर आक्रमण | कुछ दिन तक युद्ध होने के बाद एकपक्षीय युद्ध विराम की घोषणा | भारत को अपनी सीमा के कुछ हिस्सों को छोड़ना पड़ा |

23. भारत पाक युद्ध (1965)- भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जिसमे पाकिस्तान की हार हुई | भारत पाकिस्तान के बीच शिमला समझौता हुआ |

24. भारत पाक युद्ध (1971)- भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जिसमे पाकिस्तान की हार हुई | फलस्वरूप बांग्लादेश एक स्वतन्त्र देश बना |

25. कारगिल युद्ध (1999)- जम्मू एवं कश्मीर के द्रास और कारगिल क्षेत्रो में पाकिस्तानी घुसपैठियों को लेकर हुए युद्ध में पुनः पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा और भारतीयों को जीत मिली |

उपर्युक्त वर्णित सभी युद्ध हमारे भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध का सिलसिलेवार वर्णन है |  इनसे हमें हमारे इतिहास की जानकारी मिलती है और ये हमें अपने भविष्य के लिए तैयार रहने की प्रेरणा देते  हैं  |

1 Comment
  1. Sanjeev says

    Thank sir

Leave A Reply

Your email address will not be published.